Rahim Ke Dohe — Class 9 Hindi (Sparsh) NCERT Solutions (Free)
Free step-by-step NCERT solutions for Class 9 Hindi (Sparsh) chapter "Rahim Ke Dohe" — 5 important questions with detailed answers for CBSE board exam preparation.
TL;DR: Free step-by-step NCERT solutions for Class 9 Hindi (Sparsh) chapter "Rahim Ke Dohe" — 5 important questions with detailed answers for CBSE board exam…
Written & reviewed by the Syllab.in Academic Team (CBSE/NCERT subject experts) · Updated
NCERT Solutions for Class 9 Hindi (Sparsh) — Rahim Ke Dohe. Step-by-step answers to all 5 textbook questions from this chapter, written for CBSE board preparation and free to use.
Rahim Ke Dohe — All 5 Questions Solved
Q1. रहीम के दोहों में क्या संदेश दिए गए हैं?
रहीम के दोहों में नैतिकता, सदाचार और जीवन के गहरे सत्यों का संदेश है। वे समाज में प्रेम, दया और सहयोग की महत्ता बताते हैं। धन के दुरुपयोग से बचने और उसे सही कार्यों में लगाने का संदेश है। विनम्रता, सहिष्णुता और परोपकार के गुणों का वर्णन करते हैं। दोहे जीवन जीने का सही तरीका सिखाते हैं।
Q2. रहीम दास के दोहों की भाषा कैसी है?
रहीम के दोहों की भाषा सरल, सुबोध और प्रभावशाली है। वे ब्रज भाषा का प्रयोग करते हैं जो सामान्य जनता को समझ आती है। दोहों में संगीतात्मकता और लय होती है। उन्होंने मुहावरों और लोकोक्तियों का सुंदर प्रयोग किया है। लघु रूप में गहरे अर्थ को व्यक्त किया है।
Q3. रहीम के दोहों में समाज के किन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है?
रहीम के दोहों में समाज के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। मानवीय संबंध, पारिवारिक स्नेह, मित्रता और शत्रुता की परिभाषा दी है। गरीबी-अमीरी के संबंध, ऊँच-नीच का विरोध किया है। सामाजिक न्याय और समानता पर बल दिया है। महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाया है।
Q4. रहीम के अनुसार सच्ची मित्रता कैसी होनी चाहिए?
रहीम के अनुसार सच्ची मित्रता निःस्वार्थ होनी चाहिए। मित्र को सुख-दुःख दोनों में साथ रहना चाहिए। मित्र को सही सलाह देने का साहस होना चाहिए। स्वार्थ के लिए मित्रता नहीं होनी चाहिए। मित्र को विश्वस्त और विचारशील होना चाहिए। दूसरे के भले के लिए सोचना मित्रता की नींव है।
Q5. रहीम के दोहों में कौन सी सार्वभौमिक सत्यें हैं?
रहीम के दोहों में समय की परिवर्तनशीलता, संसार की नश्वरता, और कर्म की महत्ता सार्वभौमिक सत्यें हैं। वे बताते हैं कि जैसा करोगे वैसा फल पाओगे। दुःख के समय भी धैर्य रखना चाहिए। अर्थ का सही उपयोग जीवन को सार्थक बनाता है। ये सत्यें किसी भी काल और समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
How to Use These Solutions
Attempt each question yourself first and only then compare with the worked answer. Marks in the CBSE board exam are awarded for the METHOD as much as the final result, so reproduce the steps rather than memorising the last line. Where a solution states a law, a formula or a definition, learn that wording — examiners look for it.
Related practice for this chapter: chapter MCQs, previous-year questions, revision notes and sample papers.