प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)
जब प्रकाश किसी चमकदार सतह (जैसे दर्पण) से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आता है तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं। परावर्तन दो नियमों का पालन करता है और दर्पणों में प्रतिबिंब बनने का आधार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रकाश के परावर्तन के नियम क्या हैं?
पहला — आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है (∠i = ∠r)। दूसरा — आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।
समतल दर्पण में कैसा प्रतिबिंब बनता है?
समतल दर्पण में सीधा, आभासी और वस्तु के बराबर आकार का प्रतिबिंब बनता है, जो दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर दिखाई देता है जितनी दूरी पर वस्तु सामने होती है। यह पार्श्व-उल्टा (lateral inversion) होता है।
आभासी और वास्तविक प्रतिबिंब में क्या अंतर है?
वास्तविक प्रतिबिंब पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है और यह उल्टा होता है, जबकि आभासी प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं मिलता और सीधा होता है (जैसे समतल दर्पण का प्रतिबिंब)।
अवतल और उत्तल दर्पण में क्या अंतर है?
अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर धँसी होती है और यह प्रकाश को अभिसरित करता है; उत्तल दर्पण की सतह बाहर उभरी होती है और यह प्रकाश को अपसरित करता है (वाहनों में पीछे देखने हेतु प्रयुक्त)।