प्रिज़्म से प्रकाश का अपवर्तन
जब प्रकाश किसी काँच के प्रिज़्म से गुजरता है तो वह दो बार अपवर्तित होता है — प्रवेश करते समय और बाहर निकलते समय — और प्रिज़्म के आधार की ओर झुक जाता है। श्वेत प्रकाश अपने सात रंगों में भी विभक्त हो जाता है, जिसे विक्षेपण (dispersion) कहते हैं।
प्रिज्म से गुजरते समय क्या होता है
काँच के प्रिज्म की दोनों अपवर्तक सतहें आपस में झुकी होती हैं। इसलिए प्रकाश की किरण दोनों सतहों पर अपवर्तित होती है और निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर नहीं रहती।
- प्रिज्म में प्रवेश करते समय किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है।
- प्रिज्म से बाहर निकलते समय किरण अभिलंब से दूर मुड़ती है।
- आपतित और निर्गत किरण के बीच के कोण को विचलन कोण कहते हैं।
श्वेत प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण
श्वेत प्रकाश को प्रिज्म से गुजारने पर वह सात रंगों की पट्टी में बँट जाता है — यह घटना वर्ण-विक्षेपण कहलाती है और प्राप्त पट्टी को स्पेक्ट्रम कहते हैं।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अलग-अलग रंगों के लिए काँच का अपवर्तनांक अलग होता है। बैंगनी रंग सबसे अधिक और लाल रंग सबसे कम मुड़ता है।
इंद्रधनुष का बनना
वर्षा के बाद वायु में उपस्थित जल की सूक्ष्म बूँदें छोटे प्रिज्म की तरह काम करती हैं।
सूर्य का प्रकाश बूँद में प्रवेश करते समय अपवर्तित और विक्षेपित होता है, बूँद के भीतरी पृष्ठ से पूर्ण परावर्तित होता है, और बाहर निकलते समय फिर अपवर्तित होता है। इसी से आकाश में इंद्रधनुष दिखाई देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रिज़्म से प्रकाश गुजरने पर क्या होता है?
प्रकाश दो बार अपवर्तित होता है — प्रिज़्म में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय — और आधार की ओर झुक जाता है। श्वेत प्रकाश अपने सात रंगों में भी विभक्त हो जाता है, जिसे विक्षेपण कहते हैं।
प्रिज़्म में विचलन कोण क्या है?
विचलन कोण आपतित किरण की दिशा और निर्गत किरण की दिशा के बीच का कोण है। यह प्रिज़्म कोण, प्रिज़्म के पदार्थ और आपतन कोण पर निर्भर करता है।
प्रिज़्म श्वेत प्रकाश को रंगों में क्यों बाँटता है?
भिन्न-भिन्न रंग भिन्न मात्रा में झुकते हैं (बैंगनी सबसे अधिक, लाल सबसे कम) क्योंकि वे काँच में थोड़ी भिन्न चालों से चलते हैं। रंगों का यह फैलाव विक्षेपण कहलाता है।