ध्वनि का परावर्तन और प्रतिध्वनि (Echo)
प्रतिध्वनि (echo) वह ध्वनि है जो किसी कठोर सतह (जैसे दीवार या पहाड़) से परावर्तित होकर मूल ध्वनि के थोड़ी देर बाद पुनः सुनाई देती है। स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह कम से कम लगभग 17 मीटर दूर होनी चाहिए।
प्रतिध्वनि सुनाई देने की शर्त
हमारे मस्तिष्क में ध्वनि की संवेदना लगभग 0.1 सेकंड तक बनी रहती है। अलग प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तित ध्वनि इस अंतराल के बाद कान तक पहुँचनी चाहिए।
- 22 °C पर वायु में ध्वनि की चाल लगभग 344 m/s होती है।
- 0.1 सेकंड में ध्वनि 34.4 m चलती है — यह जाने और लौटने की कुल दूरी है।
- इसलिए परावर्तक सतह कम से कम लगभग 17.2 m दूर होनी चाहिए।
अनुरणन (Reverberation)
बड़े हॉल में ध्वनि दीवारों से बार-बार परावर्तित होकर देर तक बनी रहती है; इसे अनुरणन कहते हैं। अधिक अनुरणन से ध्वनि अस्पष्ट हो जाती है।
इसे कम करने के लिए हॉल की छत और दीवारों पर ध्वनि-अवशोषक पदार्थ लगाए जाते हैं, जैसे संपीडित फाइबर बोर्ड, खुरदरा प्लास्टर या परदे।
ध्वनि के परावर्तन के उपयोग
ध्वनि का परावर्तन कई उपकरणों और तकनीकों का आधार है।
- सोनार — समुद्र की गहराई तथा जल में डूबी वस्तुओं का पता लगाना।
- स्टेथोस्कोप — हृदय की ध्वनि बार-बार परावर्तित होकर चिकित्सक के कान तक पहुँचती है।
- मेगाफोन और हॉर्न — ध्वनि को एक ही दिशा में भेजना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रतिध्वनि (echo) क्या है?
प्रतिध्वनि वह ध्वनि है जो किसी कठोर सतह जैसे दीवार या पहाड़ से परावर्तित होकर मूल ध्वनि के थोड़ी देर बाद श्रोता को पुनः सुनाई देती है।
प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?
स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह कम से कम लगभग 17 मीटर दूर होनी चाहिए, ताकि परावर्तित ध्वनि कम से कम 0.1 सेकंड बाद लौटे (श्रवण की दृढ़ता के कारण)।
प्रतिध्वनि और अनुरणन में क्या अंतर है?
प्रतिध्वनि ध्वनि की एक स्पष्ट, अलग पुनरावृत्ति है। अनुरणन (reverberation) किसी बंद स्थान (जैसे बड़े हॉल) में बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि का बना रहना है, जो एक स्पष्ट पुनरावृत्ति के बजाय लंबे धुँधले रूप में सुनाई देता है।