ओमीय और अनओमीय चालक
ओमीय चालक (ohmic conductors) ओम के नियम का पालन करते हैं — उनमें धारा विभवांतर के समानुपाती होती है और V–I ग्राफ सीधी रेखा होता है (जैसे ताँबा)। अनओमीय चालक (non-ohmic conductors) ओम के नियम का पालन नहीं करते और उनका V–I ग्राफ सीधी रेखा नहीं होता (जैसे डायोड)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
ओमीय और अनओमीय चालक में क्या अंतर है?
ओमीय चालक ओम के नियम का पालन करते हैं — धारा विभवांतर के समानुपाती होती है और V–I ग्राफ मूल बिंदु से गुजरती सीधी रेखा होता है (जैसे धातुएँ/ताँबा)। अनओमीय चालक ओम के नियम का पालन नहीं करते और उनका V–I ग्राफ वक्र (सीधी रेखा नहीं) होता है (जैसे डायोड, फिलामेंट बल्ब)।
ओमीय और अनओमीय चालक के उदाहरण दीजिए।
ओमीय: ताँबे का तार और स्थिर ताप पर अधिकांश धात्विक चालक। अनओमीय: अर्धचालक डायोड, LED, फिलामेंट लैम्प और ट्रांज़िस्टर।
दोनों का V–I ग्राफ कैसा होता है?
ओमीय चालक के लिए विभवांतर बनाम धारा का ग्राफ मूल बिंदु से गुजरती सीधी रेखा होता है। अनओमीय चालक के लिए यह ग्राफ वक्र या अरैखिक होता है।