फ्यूज़ और भू-संपर्कण (Earthing)
फ्यूज़ एक सुरक्षा युक्ति है — एक पतला तार जो अधिक धारा बहने पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है और आग से बचाता है। भू-संपर्कण (earthing) उपकरण की धातु की बॉडी को ज़मीन से जोड़ता है ताकि कोई भी लीक होती धारा सुरक्षित रूप से पृथ्वी में चली जाए और विद्युत झटके से बचाव हो।
विद्युत फ्यूज कैसे काम करता है
फ्यूज परिपथ की सुरक्षा युक्ति है। यह उच्च प्रतिरोध और निम्न गलनांक वाले तार का छोटा टुकड़ा होता है, जिसे परिपथ के श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।
जब परिपथ में निर्धारित सीमा से अधिक धारा बहती है तो ऊष्मीय प्रभाव के कारण फ्यूज तार गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है। इससे उपकरण और तार जलने से बच जाते हैं।
भूसंपर्कण (Earthing)
भूसंपर्क तार का एक सिरा उपकरण की धात्विक बॉडी से और दूसरा सिरा भूमि में गहराई तक गड़ी धातु की प्लेट से जुड़ा होता है।
यदि किसी कारण विद्युन्मय तार उपकरण की बॉडी को छू जाए, तो धारा भूसंपर्क तार से होकर सीधे पृथ्वी में चली जाती है और उपयोगकर्ता को झटका नहीं लगता। इसीलिए इस्तरी, टोस्टर और रेफ्रिजरेटर जैसे धात्विक बॉडी वाले उपकरणों में तीन-पिन प्लग प्रयोग किया जाता है।
घरेलू परिपथ के तीन तार
घरेलू विद्युत आपूर्ति में तीन तार आते हैं, जिन्हें रंग से पहचाना जाता है।
- विद्युन्मय (live) तार — प्रायः लाल या भूरा।
- उदासीन (neutral) तार — प्रायः काला या नीला।
- भूसंपर्क (earth) तार — प्रायः हरा या हरा-पीला।
- लघुपथन तब होता है जब विद्युन्मय और उदासीन तार सीधे स्पर्श कर जाते हैं; तब धारा अचानक बहुत बढ़ जाती है और फ्यूज पिघल जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
फ्यूज़ और भू-संपर्कण में क्या अंतर है?
फ्यूज़ एक सुरक्षा युक्ति है — एक पतला तार जो अधिक धारा बहने पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है और आग से बचाता है। भू-संपर्कण उपकरण की धातु बॉडी को ज़मीन से जोड़ता है ताकि लीक होती धारा सुरक्षित रूप से पृथ्वी में चली जाए और झटके से बचाव हो।
भू-संपर्कण क्यों आवश्यक है?
भू-संपर्कण व्यक्ति को विद्युत झटके से बचाता है। यदि कोई जीवित (live) तार उपकरण की धातु बॉडी को छू जाए तो धारा उसे छूने वाले व्यक्ति के बजाय पृथ्वी में चली जाती है।
फ्यूज़ किससे बनता है और क्यों?
फ्यूज़ कम गलनांक और उच्च प्रतिरोध वाले तार (जैसे टिन-लेड मिश्रधातु) से बनता है, ताकि धारा के सुरक्षित मान से अधिक होते ही वह शीघ्र पिघलकर परिपथ तोड़ दे।